बच्चों के जन्म के साथ ही माता-पिता उसके सुरक्षित भविष्य को सुनिश्चित करने की प्लानिंग शुरू कर देते हैं। माता-पिता अपने पूरा जीवन यह सुनिश्चित करने में लगा देते हैं कि उनके बच्चे का भविष्य सुरक्षित हो चाहे वह रहे अथवा नहीं। भविष्य की चिताओं में सबसे बड़ी चिंता उच्च शिक्षा तथा शादी की होती है जिसके समय पर्याप्त पैसा हो तो कोई व्यवधान नहीं आता। यदि आप भी अपने बच्चों के भविष्य को सुनिश्चित करना चाहते हैं तो आपको उसकी उम्र तथा जीवन के उद्देश्य के आधार पर इन्वेस्टमेंट का प्लान सिलेक्ट करना चाहिए। इन दिनों बच्चों के भविष्य को सुनिश्चित और सुरक्षित करने के लिए बहुत सारे विकल्प मौजूद है। किन्तु जरूरत है तो सही वक्त पर प्लान करके निवेश शुरू करने की ताकि सही समय पर आपकी जरूरत पूरी हो सके और आप अपने बच्चों के भविष्य को लेकर निश्चिंत रहें। वैसे तो इन्वेस्टमेंट मार्केट में कई सारे चाइल्ड इन्वेस्टमेंट प्लान ऑप्शंस अवेलेबल है लेकिन आपको अपनी जरूरत और रिस्क उठा पाने की क्षमता को ध्यान में रखते हुए इन्वेस्टमेंट करना चाहिए।
मुख्य बातें
- जल्दी शुरुआत: बच्चे की उम्र, लक्ष्य और अपनी रिस्क क्षमता देखकर सही समय पर निवेश शुरू करें।
- सुरक्षित विकल्प: फिक्स्ड डिपॉजिट 7 दिन से 10 साल तक का होता है। एफडी की मैच्योरिटी उसी समय रखें जब पैसों की जरूरत हो, वरना समय से पहले निकालने पर नुकसान होता है।
- बेटी के लिए: सुकन्या समृद्धि योजना 10 साल तक की बच्ची के लिए है, इसमें ₹250 से ₹1.5 लाख तक सालाना निवेश होता है और पुरानी टैक्स व्यवस्था में धारा 123 (पहले 80C) की छूट मिलती है।
- नियमित बचत: रिकरिंग डिपॉजिट कम जोखिम वाला विकल्प है, और लंबे लक्ष्य के लिए म्युचुअल फंड में SIP से निवेश किया जा सकता है।
- निष्कर्ष: निवेश से पहले अपनी आय और बचत क्षमता का पूरा आकलन करें और लक्ष्य की तारीख के हिसाब से विकल्प चुनें।
बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए इन्वेस्टमेंट ऑप्शंस – Best Investment Options for Kids
फिक्स्ड डिपॉजिट स्कीम – Fixed Deposit Scheme
यदि आपकी रिस्क वहन करने की अत्यधिक क्षमता नहीं है तो फिक्स डिपाजिट(Fixed Deposit) बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने का एक शानदार इन्वेस्टमेंट ऑप्शन है। इसकी अवधि 7 दिन से लेकर 10 साल तक रह सकती है अर्थात आप अपने बच्चों के भविष्य में लगने वाले अमाउंट को न केवल 10 साल के लिए सेव कर सकते हैं बल्कि बैंक के इंटरेस्ट के साथ उसे बढ़ा भी सकते है। वैसे तो फिक्स डिपॉजिट(FD) पर इंटरेस्ट बैंक के नियमों पर निर्भर करता है। हर बैंक के अपने इंटरेस्ट रेट है। उदाहरण के लिए, अक्टूबर 2026 में SBI सामान्य ग्राहकों को अवधि के हिसाब से 3.05% से 6.45% तक ब्याज देता है, और पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट पर 6.9% से 7.5% तक ब्याज मिलता है। Fixed Deposit करने से पहले अवधि का पूरा ध्यान रखें तथा इस बात की पुष्टि कर ले की आपको जिस समय पैसों की जरूरत हो उस समय तक आपकी एफडी मैच्योर हो जाए। यदि FD मैच्योर ना हो और आप पैसे निकालते हैं तो इसमें आपको घटा वहन करना पड़ता है। इसलिए टाइम की प्रॉपर प्लानिंग बहुत जरूरी है।
सुकन्या समृद्धि योजना – Sukanya Samriddhi Yojana
यदि आपके यहां बेटी है तो सुकन्या समृद्धि योजना (Sukanya Samriddhi Yojana) आपके लिए एक उपयुक्त योजना है। SSY की ताज़ा ब्याज दर और इतिहास देखें। यह योजना केवल 10 वर्ष तक की बच्ची हो के लिए है। 10 वर्ष से ऊपर की बालिका के लिए निवेश संभव नहीं है। स्कीम के तहत इन्वेस्टर 250 रुपए से लेकर 1.5 लाख तक का निवेश कर सकता है। इसमें खाता खुलने से 15 साल तक पैसा जमा होता है और खाता खुलने के 21 साल बाद मैच्योर होता है। बच्ची की उच्च शिक्षा के लिए आंशिक निकासी की सुविधा है, और 18 साल के बाद शादी के लिए खाता समय से पहले बंद किया जा सकता है। अक्टूबर–दिसंबर 2026 तिमाही में इस पर 8.2% ब्याज है। पुरानी टैक्स व्यवस्था में जमा राशि पर धारा 123 (पहले 80C) के तहत छूट मिलती है, और ब्याज टैक्स-फ्री है।
रिपेरिंग डिपॉजिट – Recurring Deposit
रिकरिंग डिपॉजिट बच्चों के भविष्य के लिए निवेश की जाने के लिए एक कम जोखिम वाली उत्तम योजना है। यह स्कीम लगभग सभी बैंकों में और पोस्ट ऑफिस में अवेलेबल होती है। आप दोनों में से किसी भी एक जगह पर जाकर खाता खुलवा सकते हैं। वैसे तो विभिन्न बैंक अलग अलग रिटर्न्स स्कीम पे काम करते है पोस्ट ऑफिस की 5 साल की RD पर अक्टूबर–दिसंबर 2026 में 6.7% ब्याज है; बैंकों की RD दरें बैंक के हिसाब से अलग होती हैं। ध्यान रखें, RD पर धारा 123 (पहले 80C) की टैक्स छूट नहीं मिलती और इसका ब्याज टैक्सेबल है।
म्युचुअल फंड – Mutual Fund
इन दिनों तेजी से जो ट्रेंड में चल रहा है वह विकल्प है म्युचुअल फंड (Mutual Fund) जिसमें SIP द्वारा इन्वेस्टमेंट किया जा सकता है। Mutual Fund में इन्वेस्ट करने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आप इक्विटी में, डेट फंड में तथा दोनों में एक साथ अपने अमाउंट को परसेंट में डिवाइड करके इन्वेस्ट कर सकते हैं। यहां आपके पास यह ऑप्शन होता है कि यदि आप लंबी अवधि के लिए इन्वेस्ट कर रहे हैं तो पहले इक्विटी में इन्वेस्ट करके अपने अमाउंट को बढ़ने का पूरा ऑप्शन दे तथा समय रहते उसे सुरक्षित कर डेट फंड में ट्रांसफर कर दें। इक्विटी में रिस्क ज्यादा होने के साथ-साथ रिटर्न भी ज्यादा होते हैं। जब तक बच्चा छोटा है इक्विटी में इन्वेस्ट करके अमाउंट को रिस्क पर रखा जा सकता है तथा सही समय पर डेट के सुरक्षित फंड में ट्रांसफर किया जा सकता है। इसके रिटर्न मार्केट पर निर्भर करते हैं और गारंटीड नहीं होते। Mutual Fund की कुछ पॉपुलर चाइल्ड बेनिफिट स्कीम निम्नलिखित है।
- आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल चिल्ड्रन्स फंड
- एचडीएफसी चिल्ड्रन्स फंड (पहले HDFC Children’s Gift Fund)
- एसबीआई चिल्ड्रन्स फंड (इन्वेस्टमेंट प्लान / सेविंग्स प्लान)
- यूटीआई चिल्ड्रन्स इक्विटी फंड / यूटीआई चिल्ड्रन्स हाइब्रिड फंड (पहले UTI Children’s Career Fund)
- टाटा चिल्ड्रन्स फंड (पहले Tata Young Citizens’ Fund)
सार्वजनिक भविष्य निधि योजना – Public Provident Fund
पब्लिक प्रोविडेंट फंड (Public Provident Fund) में आप 15 साल की अवधि के लिए निवेश कर सकते हैं अर्थात यह दीर्घकालिक निवेश के लिए एक अच्छा उपाय है। ऐसे में यदि आपका बच्चा छोटा है तो आप उसके लिए 15 वर्ष के लिए PPF में इन्वेस्ट कर सकते हैं ताकि परिपक्व होने के समय संचित धन को आप अपने बच्चों की पढ़ाई अथवा उसके विवाह के लिए उपयोग कर सके। इस योजना पर ब्याज दर 7.1% (अक्टूबर–दिसंबर 2026) की है तथा पुरानी टैक्स व्यवस्था में धारा 123 (पहले 80C) के तहत छूट का लाभ भी मिलता है।
कुछ महत्वपूर्ण बिंदु
बच्चों के भविष्य के लिए इन्वेस्ट करने से पहले निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना अति आवश्यक है
समय अवधि पर विचार – उपर्युक्त किसी भी स्कीम में इन्वेस्ट करने से पहले यह तय करना अति आवश्यक है कि आप कितने समय के लिए निवेश करना चाहते हैं। समय अवधि के अनुसार उपयुक्त स्कीम का चयन करने से आप मैक्सिमम रिटर्न प्राप्त कर सकते हैं तथा खुद को लॉस से भी बचा सकते हैं।
दस्तावेज- निवेश प्रक्रिया के दौरान आपको कई सारे आवश्यक दस्तावेजों की जरूरत होती है जिनमें आपका पहचान पत्र, निवास प्रमाण पत्र उम्र प्रमाण पत्र तथा आय प्रमाण पत्र शामिल है। साथ ही आपको अपनी बैंक की डिटेल्स भी देनी होती है। इन सब चीजों को पहले से एकत्रित कर लेने से आसानी होती है।
रिटर्न का ऐस्टीमेशन- सभी स्कीम्स की हिस्ट्री को स्टडी करके आप उनके रिटर्न का अंदाजा लगा सकते हैं। इस प्रकार आप यह सुनिश्चित कर पाएंगे कि आपके लिए इन्वेस्ट करना बेनिफिशियल है या नहीं।
निष्कर्ष
बच्चों के भविष्य को सुरक्षित व स्वर्णिम बनाने के आपके उद्देश्य को पूरा करने के लिए बाजार में कई तरीके की निवेश योजनाएं उपलब्ध है किंतु किसी भी Child plan में निवेश करने से पहले आपको उसे पूरी तरह तोल मोल के देख लेना चाहिए। किसी भी प्लान में इनवेस्ट करने से पहले आपको अपनी आय तथा बचत क्षमता का पूरा आकलन करना चाहिए। अपने रिस्क वहन करने की कैपेसिटी का भी पूरा अनुमान लगाना आपकी जिम्मेदारी है। निवेश करने से पहले इस बात पर जरूर गौर करें कि यदि आपके साथ किसी प्रकार की अनहोनी हो जाती है तो आपके बच्चे की वित्तीय जरूरत पूरी हो पाएं।चाइल्ड बेनिफिट प्लांस में इन्वेस्ट करके आप Income Tax Act 80C (अब आयकर अधिनियम, 2025 की धारा 123, सिर्फ पुरानी टैक्स व्यवस्था में) के तहत छूट भी प्राप्त कर सकते हैं। जीवन बीमा वाले चाइल्ड प्लान की मैच्योरिटी राशि कुछ शर्तों (जैसे प्रीमियम की सीमा) के साथ टैक्स-फ्री होती है; निवेश से पहले शर्तें जांच लें। किसी लक्ष्य के लिए कितना निवेश चाहिए, यह गोल बेस्ड SIP कैलकुलेटर से देखें। इन सभी चीजों को ध्यान में रखकर आप बच्चों के लिए एक उपयुक्त इन्वेस्टमेंट स्कीम सिलेक्ट कर सकते हैं।




